रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा की मौत के मामले ने लोगों को झकझोर दिया
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के कटारा हिल्स इलाके में रहने वाली रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। परिजनों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और हत्या (दहेज हत्या) का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बीच, मौत से ठीक पहले ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट भी सामने आई है, जो ससुराल पक्ष के उत्पीड़न की कहानी बयां कर रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की वजह आत्महत्या बताई गई है।
व्हाट्सएप चैट में छलका दर्द: "मां, ये लोग मुझे घुट-घुट कर जीने पर मजबूर कर रहे हैं"
सामने आई व्हाट्सएप चैट में ट्विशा ने अपनी मां से अपनी आपबीती साझा की थी। उसने लिखा था, "मेरी जो भी समस्या है, उसे मैं खुद संभाल लूंगी, क्योंकि अगर मैं ज्यादा बोलूंगी तो इन्हें लगेगा कि मैं हर वक्त सिर्फ शिकायतें ही करती रहती हूँ। इन सब लोगों को लगता है कि मैं कोई नशा (ड्रग्स) करती हूँ और इसीलिए मेरा मूड खराब रहता है। लेकिन कोई एक बार भी यह नहीं सोच रहा कि इनका खुद का बेटा मुझे अकेला छोड़कर बैठा है, इस वजह से भी मेरा मानसिक तनाव बढ़ सकता है। मां, मुझे यहाँ बहुत ज्यादा घुटन महसूस हो रही है... ये लोग न तो मुझे चैन से रोने देते हैं और न ही खुश होने की कोई वजह छोड़ते हैं।"
सेना में मेजर भाई ने पुलिस पर लगाया सबूत मिटाने और लापरवाही का आरोप
ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात हैं, उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मेजर हर्षित का आरोप है कि पुलिस शुरुआत से ही मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही थी और रसूखदार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही थी। परिजनों के अनुसार, ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने घटना के बाद कमरे से कई अहम सबूत भी गायब कर दिए। इसके उलट, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मायके पक्ष के लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और किसी भी मामले में नियमानुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही केस दर्ज किया जाता है।
केस दर्ज होने के बाद अंतिम संस्कार पर राजी हुए परिजन; आरोपी मां-बेटे फरार
मंगलवार देर रात ट्विशा का शव उसके ससुराल के एक कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला था। इस घटना के बाद से ही न्याय की मांग को लेकर पीड़िता के परिजन लगातार दो दिनों तक भोपाल के महिला थाने और पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे। परिजनों की जिद थी कि जब तक ससुराल वालों पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज नहीं होगा, वे बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। गुरुवार देर रात मामला दर्ज होने के बाद आरोपी वकील पति समर्थ सिंह और उसकी मां अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस की टीमें दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
महज 6 महीने पहले नोएडा से ब्याह कर आई थी ट्विशा
मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा का विवाह महज 6 महीने पहले भोपाल के रहने वाले एडवोकेट समर्थ सिंह के साथ धूमधाम से हुआ था। लेकिन शादी के कुछ हफ़्तों बाद ही उसे दहेज और अन्य बातों को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, जिसकी शिकायत उसने कई बार अपने माता-पिता से भी की थी। नवविवाहिता की इस तरह हुई मौत से दोनों शहरों में रहने वाले उसके परिचित स्तब्ध हैं।
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