जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति से एक-दूसरे को अवगत कराने का सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। इसके जरिए एक-दूसरे की ऐतिहासिक धरोहर, संस्कार, जनजाति, विरासत आदि को युवा जान सकेंगे। सोमवार को भोपाल में गृह मंत्रालय भारत सरकार प्रायोजित एवं माय भारत भोपाल (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय) के तत्वावधान में विगत 7 दिवस से आयोजित कार्यक्रम के समापन समारोह को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने संबोधित किया।
मंत्री सारंग ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा युवाओं को देश की मुख्य धारा से जुड़कर कार्य करने की अपील की एवं युवाओं को रचनात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी द्वारा जनजाति वर्ग के युवाओं को अपने नेतृत्व क्षमता एवं अपने कॅरियर बनाने की अपील की गई। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं विजेताओं को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी पीयूष दुबे उपस्थित थे।
कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिला अधिकारी माय भारत भोपाल प्राजंल अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन 13 से 19 जनवरी तक हुआ। कार्यक्रम में 5 राज्यों झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश के कुल 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इन्हें सीआरपीएफ, बीएसएफ एवं आईटीबीपी के एस्कॉर्ट द्वारा अपने नेतृत्व में कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। कार्यक्रम में जनजाति वर्ग के युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। साथ ही इन्हें भोपाल के ऐतिहासिक स्थल जैसे ट्रॉइबल म्यूजियम, भारत भवन, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइनिंग, सीआरपीएफ प्रदेश मुख्यालय भोपाल की बड़ी लेक एवं अन्य स्थलों का भ्रमण कराया गया। इसके अलावा समय-समय पर अतिथि विशेषज्ञों द्वारा व्यक्तित्व विकास, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता विकास, ग्रुप डिस्कशन, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, योग, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और उत्साह का सृजन करना और देश की मुख्य धारा से जुड़कर देश हित में कार्य करना है।
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