बेंगलुरु टेक समिट में मध्यप्रदेश की धमक : टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में हुआ प्रदर्शन
बेंगलुरु/इंदौर। राज्य सरकार ने बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित बेंगलुरु टेक समिट (बीटीसी) 2025 में उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की। इस प्रदर्शनी मंडप से राज्य की तेजी से विकसित होती टेक्नोलजी ईकोसिस्टम और भारत के प्रमुख टियर-2 इनोवेशन हब के रूप में मध्यप्रदेश की स्थिति को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया।
मंडप में प्रमुख रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) पॉलिसी 2025, ड्रोन प्रमोशन और उपयोग पॉलिसी 2025, AVGC-XR पॉलिसी 2025 और सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2025 प्रदर्शित की गईं। इन प्रगतिशील नीतियों का उद्देश्य राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं, सेमीकंडक्टर निर्माण, डेटा सेंटर और ड्रोन तकनीक के लिए एक आकर्षक निवेश केंद्र बनाना है।
मध्यप्रदेश के तकनीकी परिदृश्य को 15 से अधिक आईटी पार्क, 1200 से अधिक टेक-स्टार्टअप्स और 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के आंकड़ों से सशक्त बताया गया। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में कई बड़ी कंपनियों का संचालन राज्य को एक मजबूत निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। राज्य प्रतिनिधिमंडल ने इंफोसिस, टीसीएस, हिताची जैसी प्रमुख कंपनियों के टेक-लीडर्स के साथ संवाद किया। इन संवादों में डेटा सेंटर विस्तार, सेमीकंडक्टर निर्माण, इंजीनियरिंग आरएंडडी और एआई/क्लाउड तकनीक में गहरी रुचि दिखाई दी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश एक फ्यूचर रैडी इनोवेशन परिदृश्य तैयार कर रहा है, जिसमें मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रगतिशील नीतियां और विश्व स्तर की कंपनियों के लिए भरपूर अवसर मौजूद हैं। बीटीसी 2025 में भागीदारी ने राज्य को सबसे निवेश-योग्य और नवाचार-संचालित तकनीकी हब के रूप में स्थापित किया है।
यूपी की सियासत में नई हलचल: Chirag Paswan ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान
SIR में अपमान का मुद्दा गरमाया, Mamata Banerjee ने जनता से मांगा जवाब