छत्तीसगढ़ सरकार की सराहनीय पहल: शुरू किया ‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप‘
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं को शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर और छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सहयोग से चलाया जाएगा। यह दो वर्षीय एमबीए डिग्री कार्यक्रम विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए तैयार किया गया है, ताकि राज्य की प्रतिभाओं को प्रशासन में योगदान देने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य के होनहार युवाओं को शासन से जोड़ना और उन्हें नीति निर्माण में भागीदार बनाना इस फेलोशिप का मूल उद्देश्य है। यह कार्यक्रम सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है। सभी चयनित विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। 50 हजार रुपए मासिक विद्यार्थियों को उनकी सेवाओं और प्रशिक्षण अवधि के लिए सम्मानजनक छात्रवृत्ति दी जाएगी। आईआईएम रायपुर में पढ़ाई के साथ-साथ छात्र विभिन्न विभागों और जिलों में प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त करेंगे। साथ ही छात्र अपने प्रोजेक्ट्स और नीतिगत सुझाव सीधे मुख्यमंत्री को प्रस्तुत कर सकेंगे।
पात्रता और चयन प्रक्रिया
आवेदक छत्तीसगढ़ के मूल निवासी होने चाहिए। अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के पास कैट 2022, 2023 अथवा 2024 का वैध स्कोर होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया में समूह चर्चा और साक्षात्कार भी शामिल हैं। यह फेलोशिप उन युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर है जो शासन, नीति और सामाजिक विकास के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन से संबंधित अधिक जानकारी आईआईएम रायपुर की आधिकारिक
https://iimraipur.ac.in/
वेबसाइट पर उपलब्ध है।
डिजिटल जनगणना पोर्टल पर बड़ी चूक: अरुणाचल का 'पासीघाट' दिखा चीन का हिस्सा, तकनीकी सुधार जारी
डोंबिवली के पास खाली ट्रेन पटरी से उतरी, सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित
भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री: राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ली जे म्योंग का औपचारिक स्वागत
भोपाल में भाजपा की 'महिला आक्रोश रैली': विपक्षी दलों के खिलाफ सीएम मोहन यादव ने भरी हुंकार